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हमहुंग, उत्तर कोरिया में रमा एकादशी 2027 पारण समय 06:52⁠–⁠17:34, बुध 27 अक्टूबर

व्रत · समय KST में

हमहुंग में रमा एकादशी 2027 कब है?

मंगलवार 26 अक्टूबर

कार्तिक कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण एकादशी (अमान्त)

स्मार्त · वैष्णव

हमहुंग में मंगल 26 अक्टूबर का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

बुधवार 27 अक्टूबर

पारण समय
06:52–17:34
10 घं 42 मि · Tithika की परिपाटी

रमा एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • मंगलवार 26 अक्टूबर
  • 06:51व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • बुधवार 27 अक्टूबर
  • 06:52–17:34पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Tithika में खोलेंरमा एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

हमहुंग में रमा एकादशी मंगल 26 अक्टूबर को क्यों है?

रमा एकादशी मंगल 26 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 09:10 से।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 09:10 सोम से 06:52 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+9)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 26 अक्टूबर को सूर्योदय पर है, 06:51: मंगल 26 अक्टूबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 09:10 सोम पर, उससे (05:15–06:51) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · बुध 27 अक्टूबर, 06:52–17:34 (त्रयोदशी, सूर्योदय से सूर्यास्त: Tithika की परिपाटी)

द्वादशी बुध 27 अक्टूबर को 04:34 पर, रात में, अरुणोदय (05:16) से पहले समाप्त होती है: रात में समाप्त द्वादशी को Tithika नहीं गिनता, उसकी परिपाटी। द्वादशी न हो तो निर्णयसिंधु पारण त्रयोदशी में कराता है: सूर्योदय (06:52) से सूर्यास्त (17:34) तक, क्योंकि पारण दिन का कर्म है: Tithika की परिपाटी।

नियम

कार्तिक कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण एकादशी (अमान्त)

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।