Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में रमा एकादशी 2098 पारण समय 05:39–15:00, मंगल 21 अक्टूबर
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में रमा एकादशी 2098 कब है?
सोमवार 20 अक्टूबर
कार्तिक कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में सोम 20 अक्टूबर का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
मंगलवार 21 अक्टूबर
रमा एकादशी का समय: व्रत, पारण
- सोमवार 20 अक्टूबर
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05:40व्रत आरंभसूर्योदय पर
- मंगलवार 21 अक्टूबर
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05:39–15:00पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में रमा एकादशी सोम 20 अक्टूबर को क्यों है?
रमा एकादशी सोम 20 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 20:14 रवि से 17:38 तक।
एकादशी 17:38 सोम पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल सोम 20 अक्टूबर को सूर्योदय पर है, 05:40: सोम 20 अक्टूबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 20:14 रवि पर, उससे (04:04–05:40) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · मंगल 21 अक्टूबर, 05:39–15:00
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी सोम 20 अक्टूबर 17:38 से मंगल 21 अक्टूबर 15:00 तक है; हरिवासर 22:59 सोम पर पूरा होता है। इसलिए पारण मंगल 21 अक्टूबर को सूर्योदय (05:39) से होता है। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:10 तक, करते हैं।
नियम
कार्तिक कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।