Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में रमा एकादशी 2065 पारण समय 05:36–18:16, सोम 26 अक्टूबर
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में रमा एकादशी 2065 कब है?
रविवार 25 अक्टूबर
कार्तिक कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में रवि 25 अक्टूबर का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
सोमवार 26 अक्टूबर
रमा एकादशी का समय: व्रत, पारण
- रविवार 25 अक्टूबर
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05:37व्रत आरंभसूर्योदय पर
- सोमवार 26 अक्टूबर
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05:36–18:16पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में रमा एकादशी रवि 25 अक्टूबर को क्यों है?
रमा एकादशी रवि 25 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 21:38 शनि से 20:24 तक।
एकादशी 20:24 रवि पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल रवि 25 अक्टूबर को सूर्योदय पर है, 05:37: रवि 25 अक्टूबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 21:38 शनि पर, उससे (04:01–05:37) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · सोम 26 अक्टूबर, 05:36–18:16 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी रवि 25 अक्टूबर 20:24 से सोम 26 अक्टूबर 18:22 तक है; हरिवासर 01:54 पर पूरा होता है। इसलिए पारण सोम 26 अक्टूबर को सूर्योदय (05:36) से होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (18:16) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:08 तक, करते हैं।
नियम
कार्तिक कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।