Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में रमा एकादशी 2048 पारण समय 05:32–08:36, मंगल 3 नवंबर
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में रमा एकादशी 2048 कब है?
सोमवार 2 नवंबर
कार्तिक कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में सोम 2 नवंबर का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
मंगलवार 3 नवंबर
रमा एकादशी का समय: व्रत, पारण
- सोमवार 2 नवंबर
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05:33व्रत आरंभसूर्योदय पर
- मंगलवार 3 नवंबर
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05:32–08:36पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में रमा एकादशी सोम 2 नवंबर को क्यों है?
रमा एकादशी सोम 2 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 09:59 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 09:59 रवि से 09:41 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल सोम 2 नवंबर को सूर्योदय पर है, 05:33: सोम 2 नवंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 09:59 रवि पर, उससे (03:57–05:33) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · मंगल 3 नवंबर, 05:32–08:36
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी सोम 2 नवंबर 09:41 से मंगल 3 नवंबर 08:36 तक है; हरिवासर 15:25 सोम पर पूरा होता है। इसलिए पारण मंगल 3 नवंबर को सूर्योदय (05:32) से होता है।
नियम
कार्तिक कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।