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Split, क्रोएशिया में रमा एकादशी 2026 बुध 4 नवंबर या गुरु 5 नवंबर

व्रत · समय CET में

Split में रमा एकादशी 2026 कब है?

स्मार्त

बुधवार 4 नवंबर

वैष्णव

गुरुवार 5 नवंबर

कार्तिक कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण एकादशी (अमान्त)

Split में बुध 4 नवंबर का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

स्मार्त · गुरुवार 5 नवंबर

पारण समय
12:04–16:40
4 घं 36 मि · Tithika की परिपाटी

वैष्णव · शुक्रवार 6 नवंबर

पारण समय
05:00–06:01
1 घं 1 मि · Tithika की परिपाटी

रमा एकादशी का समय: व्रत, पारण

स्मार्त

  • बुधवार 4 नवंबर
  • 06:33व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • गुरुवार 5 नवंबर
  • 12:04–16:40पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी

वैष्णव

  • गुरुवार 5 नवंबर
  • 06:34व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • शुक्रवार 6 नवंबर
  • 05:00–06:01पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Tithika में खोलेंरमा एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Split में रमा एकादशी बुध 4 नवंबर या गुरु 5 नवंबर को क्यों है?

स्मार्त · स्मार्त परंपरा में रमा एकादशी बुध 4 नवंबर को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव गुरु 5 नवंबर को व्रत रखते हैं।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 06:33 से। एकादशी: 06:33 से 06:06 गुरु तक।

अरुणोदय में एकादशी केवल 06:06 तक; फिर द्वादशी। एकादशी: 06:33 बुध से 06:06 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह बुध 4 नवंबर को 06:33 पर, उस सूर्योदय (06:33) के बाद, लगती है और गुरु 5 नवंबर को 06:06 पर, अगले सूर्योदय (06:34 गुरु) से पहले, समाप्त होती है: यह किसी सूर्योदय पर नहीं है। क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है: बुध 4 नवंबर।

वैष्णव

वैष्णव अरुणोदय देखते हैं, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट। बुध 4 नवंबर को अरुणोदय (04:57–06:33) में दशमी है। गुरु 5 नवंबर को उसमें दशमी नहीं (एकादशी 06:06 तक, फिर द्वादशी): गुरु 5 नवंबर।

व्रत का पारण

स्मार्त · गुरु 5 नवंबर, 12:04–16:40 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी गुरु 5 नवंबर 06:06 से शुक्र 6 नवंबर 06:01 तक है; हरिवासर 12:04 पर पूरा होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (16:40) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:36 तक, करते हैं; यहाँ यह समय हरिवासर से पहले समाप्त हो जाता है।

वैष्णव · शुक्र 6 नवंबर, 05:00–06:01 (अरुणोदय से, Tithika की परिपाटी)

द्वादशी शुक्र 6 नवंबर को 06:01 पर, अरुणोदय (05:00) लगने के बाद और सूर्योदय (06:36) से पहले, समाप्त होती है। द्वादशी छोटी हो तो निर्णयसिंधु, मत्स्य पुराण के अनुसार, पारण भोर में, द्वादशी समाप्त होने से पहले कराता है। Tithika इसे अरुणोदय से आरंभ करता है: Tithika की परिपाटी।

नियम

कार्तिक कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण एकादशी (अमान्त)

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।