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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में रमा एकादशी 2018 पारण समय 06:32⁠–⁠17:54, रवि 4 नवंबर

व्रत · समय UTC−3 में

Ipameri में रमा एकादशी 2018 कब है?

शनिवार 3 नवंबर

कार्तिक कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण एकादशी (अमान्त)

स्मार्त · वैष्णव

Ipameri में शनि 3 नवंबर का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

रविवार 4 नवंबर

पारण समय
06:32–17:54
11 घं 22 मि

रमा एकादशी का समय: पारण, व्रत

  • रविवार 4 नवंबर
  • 06:32–17:54पारण समयव्रत खोलने का समय
  • 06:32व्रत आरंभसूर्योदय पर
Tithika में खोलेंरमा एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में रमा एकादशी शनि 3 नवंबर को क्यों है?

रमा एकादशी शनि 3 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 20:40 शुक्र से 18:44 तक।

एकादशी 18:44 पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 3 नवंबर को सूर्योदय पर है, 05:32: शनि 3 नवंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 20:40 शुक्र पर, उससे (03:56–05:32) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · शनि 3 नवंबर, 06:32 रवि–17:54 रवि

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शनि 3 नवंबर 18:44 से शनि 3 नवंबर 17:54 तक है; हरिवासर 01:16 रवि पर पूरा होता है। इसलिए पारण शनि 3 नवंबर को सूर्योदय (06:32 रवि) से होता है। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 09:06 रवि तक, करते हैं।

नियम

कार्तिक कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण एकादशी (अमान्त)

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।