Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में रमा एकादशी 1999 पारण समय 06:32–19:20, गुरु 4 नवंबर
व्रत · समय UTC−2 में
Ipameri में रमा एकादशी 1999 कब है?
बुधवार 3 नवंबर
कार्तिक कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में बुध 3 नवंबर का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
गुरुवार 4 नवंबर
रमा एकादशी का समय: व्रत, पारण
- बुधवार 3 नवंबर
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06:33व्रत आरंभसूर्योदय पर
- गुरुवार 4 नवंबर
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06:32–19:20पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में रमा एकादशी बुध 3 नवंबर को क्यों है?
रमा एकादशी बुध 3 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 20:34 मंगल से 20:50 तक।
एकादशी 20:50 बुध पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल बुध 3 नवंबर को सूर्योदय पर है, 06:33: बुध 3 नवंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 20:34 मंगल पर, उससे (04:57–06:33) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · गुरु 4 नवंबर, 06:32–19:20 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी बुध 3 नवंबर 20:50 से गुरु 4 नवंबर 21:33 तक है; हरिवासर 03:01 पर पूरा होता है। इसलिए पारण गुरु 4 नवंबर को सूर्योदय (06:32) से होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (19:20) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 09:06 तक, करते हैं।
नियम
कार्तिक कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।