Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में रमा एकादशी 1949 पारण समय 04:05–05:03, बुध 19 अक्टूबर
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में रमा एकादशी 1949 कब है?
मंगलवार 18 अक्टूबर
कार्तिक कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में मंगल 18 अक्टूबर का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
बुधवार 19 अक्टूबर
रमा एकादशी का समय: व्रत, पारण
- मंगलवार 18 अक्टूबर
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05:42व्रत आरंभसूर्योदय पर
- बुधवार 19 अक्टूबर
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04:05–05:03पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में रमा एकादशी मंगल 18 अक्टूबर को क्यों है?
रमा एकादशी मंगल 18 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 10:16 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 10:16 सोम से 07:56 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 18 अक्टूबर को सूर्योदय पर है, 05:42: मंगल 18 अक्टूबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 10:16 सोम पर, उससे (04:06–05:42) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · बुध 19 अक्टूबर, 04:05–05:03 (अरुणोदय से, Tithika की परिपाटी)
द्वादशी बुध 19 अक्टूबर को 05:03 पर, अरुणोदय (04:05) लगने के बाद और सूर्योदय (05:41) से पहले, समाप्त होती है। द्वादशी छोटी हो तो निर्णयसिंधु, मत्स्य पुराण के अनुसार, पारण भोर में, द्वादशी समाप्त होने से पहले कराता है। Tithika इसे अरुणोदय से आरंभ करता है: Tithika की परिपाटी।
नियम
कार्तिक कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।