Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में रक्षा बंधन 1925 सोम 3 अगस्त या मंगल 4 अगस्त
त्योहार · समय UTC−3 में
Ipameri में रक्षा बंधन 1925 कब है?
स्मार्त · वैष्णव
सोमवार 3 अगस्त
धर्मसिंधु · स्मार्त का एक मत
मंगलवार 4 अगस्त
श्रावण पूर्णिमा
Ipameri में सोम 3 अगस्त का पूरा पंचांगरक्षा बंधन मुहूर्त कितने बजे है?
स्मार्त · वैष्णव · सोमवार 3 अगस्त
रक्षा बंधन मुहूर्त: भद्रा के बाद का समय, 22:50 पर।
धर्मसिंधु · मंगलवार 4 अगस्त
Ipameri में रक्षा बंधन सोम 3 अगस्त या मंगल 4 अगस्त को क्यों है?
स्मार्त · वैष्णव · रक्षा बंधन सोम 3 अगस्त को है, भद्रा समाप्त होने (22:50) के बाद।
रक्षा बंधन मुहूर्त: भद्रा के बाद का समय, 22:50 पर।
पूरे अपराह्न में पूर्णिमा, 13:27–15:43। पूर्णिमा: 12:42 से 08:58 मंगल तक।
पूर्णिमा 08:58 पर समाप्त; अपराह्न में प्रतिपदा।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अपराह्न। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।
राखी अपराह्न में, भद्रा के बाहर, बाँधी जाती है: दिन का चौथा पाँचवाँ भाग। पूर्णिमा सोम 3 अगस्त को 12:42 से मंगल 4 अगस्त को 08:58 तक है, इसलिए केवल सोमवार का अपराह्न (13:27–15:43) उसके भीतर है। भद्रा 22:50 तक है, और धर्मसिंधु विधि भद्रा में नहीं करवाता: यह 22:50 से होती है।
मंगल 4 अगस्त को पूर्णिमा सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों (08:54 तक) से आगे रहती है, इसलिए धर्मसिंधु विधि उस दिन के अपराह्न में रखता है: मंगल 4 अगस्त।
नियम
श्रावण पूर्णिमा
राखी अपराह्न में, भद्रा के बाहर, बाँधी जाती है: दिन का चौथा पाँचवाँ भाग।
- स्मार्त
- वह दिन जिसके अपराह्न में पूर्णिमा हो; दोनों दिन छुए तो वह जिसमें अधिक हो; किसी दिन न छुए तो पहला दिन; भद्रा से बाहर, उसके समाप्त होने के बाद (निर्णयसिंधु)।
- धर्मसिंधु
- वह दिन जिसके अपराह्न में पूर्णिमा हो; दोनों दिन छुए तो बाद वाला दिन, यदि पूर्णिमा उसके सूर्योदय के बाद 3 मुहूर्त रहे, नहीं तो पहला; किसी दिन न छुए तो पहला दिन (धर्मसिंधु)।
- वैष्णव
- स्मार्त वाला दिन।