प्योंगयांग, उत्तर कोरिया में देवउठनी एकादशी 2026 पारण समय 07:26–08:27, रवि 22 नवंबर
व्रत · समय KST में · इसे प्रबोधिनी एकादशी भी कहते हैं
प्योंगयांग में देवउठनी एकादशी 2026 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
रविवार 22 नवंबर
देवउठनी एकादशी का समय: व्रत, पारण
- शनिवार 21 नवंबर
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07:25व्रत आरंभसूर्योदय पर
- रविवार 22 नवंबर
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07:26–08:27पारण समयव्रत खोलने का समय
कथा, पूजा विधि और व्रत के नियम
हर शहर के लिए एक ही, देवउठनी एकादशी 2026 के पेज पर:
प्योंगयांग में देवउठनी एकादशी शनि 21 नवंबर को क्यों है?
देवउठनी एकादशी शनि 21 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 10:46 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 10:46 शुक्र से 10:02 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+9)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 21 नवंबर को सूर्योदय पर है, 07:25: शनि 21 नवंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 10:46 शुक्र पर, उससे (05:49–07:25) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · रवि 22 नवंबर, 07:26–08:27
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शनि 21 नवंबर 10:02 से रवि 22 नवंबर 08:27 तक है; हरिवासर 15:38 शनि पर पूरा होता है। इसलिए पारण रवि 22 नवंबर को सूर्योदय (07:26) से होता है।
नियम
कार्तिक शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।