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Chākia, बिहार में देवउठनी एकादशी 2026 पारण समय 04:37⁠–⁠04:57, रवि 22 नवंबर

बिहार, भारत

व्रत · समय IST में · इसे प्रबोधिनी एकादशी भी कहते हैं

Chākia में देवउठनी एकादशी 2026 कब है?

शनिवार 21 नवंबर

कार्तिक शुक्ल एकादशी

स्मार्त · वैष्णव

Chākia में शनि 21 नवंबर का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

रविवार 22 नवंबर

पारण समय
04:37–04:57
20 मि · Tithika की परिपाटी

देवउठनी एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • शनिवार 21 नवंबर
  • 06:13व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • रविवार 22 नवंबर
  • 04:37–04:57पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Tithika में खोलेंदेवउठनी एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Chākia में देवउठनी एकादशी शनि 21 नवंबर को क्यों है?

देवउठनी एकादशी शनि 21 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 07:16 से। एकादशी: 07:16 से 06:32 शनि तक।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 07:16 शुक्र से 06:32 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 21 नवंबर को सूर्योदय पर है, 06:13: शनि 21 नवंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 07:16 शुक्र पर, उससे (04:37–06:13) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · रवि 22 नवंबर, 04:37–04:57 (अरुणोदय से, Tithika की परिपाटी)

द्वादशी रवि 22 नवंबर को 04:57 पर, अरुणोदय (04:37) लगने के बाद और सूर्योदय (06:13) से पहले, समाप्त होती है। द्वादशी छोटी हो तो निर्णयसिंधु, मत्स्य पुराण के अनुसार, पारण भोर में, द्वादशी समाप्त होने से पहले कराता है। Tithika इसे अरुणोदय से आरंभ करता है: Tithika की परिपाटी।

नियम

कार्तिक शुक्ल एकादशी

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।