Pāthardi, महाराष्ट्र में देवउठनी एकादशी 2027 पारण समय 06:34–10:07, गुरु 11 नवंबर
महाराष्ट्र, भारत
व्रत · समय IST में · इसे प्रबोधिनी एकादशी भी कहते हैं
Pāthardi में देवउठनी एकादशी 2027 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
गुरुवार 11 नवंबर
देवउठनी एकादशी का समय: व्रत, पारण
- बुधवार 10 नवंबर
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06:33व्रत आरंभसूर्योदय पर
- गुरुवार 11 नवंबर
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06:34–10:07पारण समयव्रत खोलने का समय
कथा, पूजा विधि और व्रत के नियम
हर शहर के लिए एक ही, देवउठनी एकादशी 2027 के पेज पर:
Pāthardi में देवउठनी एकादशी बुध 10 नवंबर को क्यों है?
देवउठनी एकादशी बुध 10 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 07:35 से। एकादशी: 07:35 से 09:11 बुध तक।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 07:35 मंगल से 09:11 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल बुध 10 नवंबर को सूर्योदय पर है, 06:33: बुध 10 नवंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 07:35 मंगल पर, उससे (04:57–06:33) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · गुरु 11 नवंबर, 06:34–10:07
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी बुध 10 नवंबर 09:11 से गुरु 11 नवंबर 10:07 तक है; हरिवासर 15:25 बुध पर पूरा होता है। इसलिए पारण गुरु 11 नवंबर को सूर्योदय (06:34) से होता है।
नियम
कार्तिक शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।