tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में देवउठनी एकादशी 1921 पारण समय 05:30⁠–⁠10:21, शनि 12 नवंबर

व्रत · समय UTC−3 में · इसे प्रबोधिनी एकादशी भी कहते हैं

Ipameri में देवउठनी एकादशी 1921 कब है?

शुक्रवार 11 नवंबर

कार्तिक शुक्ल एकादशी

स्मार्त · वैष्णव

Ipameri में शुक्र 11 नवंबर का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

शनिवार 12 नवंबर

पारण समय
05:30–10:21
4 घं 51 मि

देवउठनी एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • शुक्रवार 11 नवंबर
  • 05:30व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • शनिवार 12 नवंबर
  • 05:30–10:21पारण समयव्रत खोलने का समय
Tithika में खोलेंदेवउठनी एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में देवउठनी एकादशी शुक्र 11 नवंबर को क्यों है?

देवउठनी एकादशी शुक्र 11 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 07:02 से। एकादशी: 07:02 से 08:59 शुक्र तक।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 07:02 गुरु से 08:59 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शुक्र 11 नवंबर को सूर्योदय पर है, 05:30: शुक्र 11 नवंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 07:02 गुरु पर, उससे (03:54–05:30) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · शनि 12 नवंबर, 05:30–10:21

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शुक्र 11 नवंबर 08:59 से शनि 12 नवंबर 10:21 तक है; हरिवासर 15:19 शुक्र पर पूरा होता है। इसलिए पारण शनि 12 नवंबर को सूर्योदय (05:30) से होता है।

नियम

कार्तिक शुक्ल एकादशी

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।