Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया में पौष पुत्रदा एकादशी 2028 2028 में 2 तारीख़ें
व्रत · समय UTC+4 में
Sevan में पौष पुत्रदा एकादशी 2028 कब है?
2028 में दो बार
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
रविवार 9 जनवरी
गुरुवार 28 दिसंबर
पौष पुत्रदा एकादशी का समय: व्रत, पारण
शनि 8 जनवरी
-
08:23व्रत आरंभसूर्योदय पर
- रविवार 9 जनवरी
-
08:23–16:26पारण समयव्रत खोलने का समय
बुध 27 दिसंबर
-
08:22व्रत आरंभसूर्योदय पर
- गुरुवार 28 दिसंबर
-
08:22–17:40पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
पौष पुत्रदा एकादशी इन तारीख़ों पर क्यों है?
चांद्र तिथि हर साल लगभग 11 दिन पहले आती है, जब तक कोई अधिक मास उसे फिर आगे न कर दे। जनवरी के शुरू में पड़ने वाली तिथि पिछले दिसंबर में जा सकती है, इसलिए किसी वर्ष में दो बार और अगले में एक बार भी नहीं।
शनि 8 जनवरी क्यों?
पौष पुत्रदा एकादशी शनि 8 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 19:00 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 19:00 शुक्र से 18:06 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 8 जनवरी को सूर्योदय पर है, 08:23: शनि 8 जनवरी। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 19:00 शुक्र पर, उससे (06:47–08:23) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · रवि 9 जनवरी, 08:23–16:26
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शनि 8 जनवरी 18:06 से रवि 9 जनवरी 16:26 तक है; हरिवासर 23:41 शनि पर पूरा होता है। इसलिए पारण रवि 9 जनवरी को सूर्योदय (08:23) से होता है। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 10:16 तक, करते हैं।
बुध 27 दिसंबर क्यों?
पौष पुत्रदा एकादशी बुध 27 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 19:26 मंगल से 20:57 तक।
एकादशी 20:57 बुध पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल बुध 27 दिसंबर को सूर्योदय पर है, 08:22: बुध 27 दिसंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 19:26 मंगल पर, उससे (06:46–08:22) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · गुरु 28 दिसंबर, 08:22–17:40 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी बुध 27 दिसंबर 20:57 से गुरु 28 दिसंबर 21:51 तक है; हरिवासर 03:11 पर पूरा होता है। इसलिए पारण गुरु 28 दिसंबर को सूर्योदय (08:22) से होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (17:40) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 10:14 तक, करते हैं।
नियम
पौष शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।