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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में पौष पुत्रदा एकादशी 1921 पारण समय 05:53⁠–⁠07:22, शुक्र 21 जनवरी

व्रत · समय UTC−3 में

Ipameri में पौष पुत्रदा एकादशी 1921 कब है?

गुरुवार 20 जनवरी

पौष शुक्ल एकादशी

स्मार्त · वैष्णव

Ipameri में गुरु 20 जनवरी का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

शुक्रवार 21 जनवरी

पारण समय
05:53–07:22
1 घं 29 मि

पौष पुत्रदा एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • गुरुवार 20 जनवरी
  • 05:53व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • शुक्रवार 21 जनवरी
  • 05:53–07:22पारण समयव्रत खोलने का समय
Tithika में खोलेंपौष पुत्रदा एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में पौष पुत्रदा एकादशी गुरु 20 जनवरी को क्यों है?

पौष पुत्रदा एकादशी गुरु 20 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 12:47 से।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 12:47 बुध से 10:23 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल गुरु 20 जनवरी को सूर्योदय पर है, 05:53: गुरु 20 जनवरी। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 12:47 बुध पर, उससे (04:17–05:53) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · शुक्र 21 जनवरी, 05:53–07:22

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी गुरु 20 जनवरी 10:23 से शुक्र 21 जनवरी 07:22 तक है; हरिवासर 15:38 गुरु पर पूरा होता है। इसलिए पारण शुक्र 21 जनवरी को सूर्योदय (05:53) से होता है।

नियम

पौष शुक्ल एकादशी

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।