Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में पार्श्व एकादशी 2048 पारण समय 04:28–05:56, शनि 19 सितंबर
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में पार्श्व एकादशी 2048 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
शनिवार 19 सितंबर
पार्श्व एकादशी का समय: व्रत, पारण
- शुक्रवार 18 सितंबर
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06:05व्रत आरंभसूर्योदय पर
- शनिवार 19 सितंबर
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04:28–05:56पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में पार्श्व एकादशी शुक्र 18 सितंबर को क्यों है?
पार्श्व एकादशी शुक्र 18 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 09:52 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 09:52 गुरु से 07:51 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शुक्र 18 सितंबर को सूर्योदय पर है, 06:05: शुक्र 18 सितंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 09:52 गुरु पर, उससे (04:29–06:05) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · शनि 19 सितंबर, 04:28–05:56 (अरुणोदय से, Tithika की परिपाटी)
द्वादशी शनि 19 सितंबर को 05:56 पर, अरुणोदय (04:28) लगने के बाद और सूर्योदय (06:04) से पहले, समाप्त होती है। द्वादशी छोटी हो तो निर्णयसिंधु, मत्स्य पुराण के अनुसार, पारण भोर में, द्वादशी समाप्त होने से पहले कराता है। Tithika इसे अरुणोदय से आरंभ करता है: Tithika की परिपाटी।
नियम
भाद्रपद शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।