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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में पार्श्व एकादशी 1952 पारण समय 06:19⁠–⁠10:58, सोम 1 सितंबर

व्रत · समय UTC−3 में

Ipameri में पार्श्व एकादशी 1952 कब है?

रविवार 31 अगस्त

भाद्रपद शुक्ल एकादशी

स्मार्त · वैष्णव

Ipameri में रवि 31 अगस्त का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

सोमवार 1 सितंबर

पारण समय
06:19–10:58
4 घं 39 मि

पार्श्व एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • रविवार 31 अगस्त
  • 06:20व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • सोमवार 1 सितंबर
  • 06:19–10:58पारण समयव्रत खोलने का समय
Tithika में खोलेंपार्श्व एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में पार्श्व एकादशी रवि 31 अगस्त को क्यों है?

पार्श्व एकादशी रवि 31 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 16:47 से।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 16:47 शनि से 14:06 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल रवि 31 अगस्त को सूर्योदय पर है, 06:20: रवि 31 अगस्त। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 16:47 शनि पर, उससे (04:44–06:20) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · सोम 1 सितंबर, 06:19–10:58

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी रवि 31 अगस्त 14:06 से सोम 1 सितंबर 10:58 तक है; हरिवासर 19:19 रवि पर पूरा होता है। इसलिए पारण सोम 1 सितंबर को सूर्योदय (06:19) से होता है।

नियम

भाद्रपद शुक्ल एकादशी

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।