Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में पार्श्व एकादशी 1939 पारण समय 08:42–18:08, रवि 24 सितंबर
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में पार्श्व एकादशी 1939 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
रविवार 24 सितंबर
पार्श्व एकादशी का समय: व्रत, पारण
- शनिवार 23 सितंबर
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06:02व्रत आरंभसूर्योदय पर
- रविवार 24 सितंबर
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08:42–18:08पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में पार्श्व एकादशी शनि 23 सितंबर को क्यों है?
पार्श्व एकादशी शनि 23 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 23:45 शुक्र से 02:05 रवि तक।
एकादशी 02:05 पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी। एकादशी: 23:45 शुक्र से 02:05 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 23 सितंबर को सूर्योदय पर है, 06:02: शनि 23 सितंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 23:45 शुक्र पर, उससे (04:26–06:02) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · रवि 24 सितंबर, 08:42–18:08 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी रवि 24 सितंबर 02:05 से सोम 25 सितंबर 04:33 तक है; हरिवासर 08:42 पर पूरा होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (18:08) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:26 तक, करते हैं; यहाँ यह समय हरिवासर से पहले समाप्त हो जाता है।
नियम
भाद्रपद शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।