Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में पार्श्व एकादशी 1913 पारण समय 06:59–18:07, गुरु 11 सितंबर
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में पार्श्व एकादशी 1913 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
गुरुवार 11 सितंबर
पार्श्व एकादशी का समय: व्रत, पारण
- बुधवार 10 सितंबर
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06:12व्रत आरंभसूर्योदय पर
- गुरुवार 11 सितंबर
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06:59–18:07पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में पार्श्व एकादशी बुध 10 सितंबर को क्यों है?
पार्श्व एकादशी बुध 10 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 22:57 मंगल से 00:24 गुरु तक।
एकादशी 00:24 पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल बुध 10 सितंबर को सूर्योदय पर है, 06:06: बुध 10 सितंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 22:57 मंगल पर, उससे (04:30–06:06) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · गुरु 11 सितंबर, 06:59–18:07 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी गुरु 11 सितंबर 00:24 से शुक्र 12 सितंबर 02:18 तक है; हरिवासर 06:52 पर पूरा होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (18:00) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:28 तक, करते हैं।
नियम
भाद्रपद शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।