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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में परमा एकादशी 2045 पारण समय 06:40⁠–⁠07:00, सोम 12 जून

व्रत · समय UTC−3 में

Ipameri में परमा एकादशी 2045 कब है?

रविवार 11 जून

अधिक मास की कृष्ण एकादशी

स्मार्त · वैष्णव

Ipameri में रवि 11 जून का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

सोमवार 12 जून

पारण समय
06:40–07:00
20 मि

परमा एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • रविवार 11 जून
  • 06:40व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • सोमवार 12 जून
  • 06:40–07:00पारण समयव्रत खोलने का समय
Tithika में खोलेंपरमा एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में परमा एकादशी रवि 11 जून को क्यों है?

परमा एकादशी रवि 11 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 08:16 से। एकादशी: 08:16 से 08:02 रवि तक।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 08:16 शनि से 08:02 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल रवि 11 जून को सूर्योदय पर है, 06:40: रवि 11 जून। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 08:16 शनि पर, उससे (05:04–06:40) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · सोम 12 जून, 06:40–07:00

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी रवि 11 जून 08:02 से सोम 12 जून 07:00 तक है; हरिवासर 13:46 रवि पर पूरा होता है। इसलिए पारण सोम 12 जून को सूर्योदय (06:40) से होता है।

नियम

अधिक मास की कृष्ण एकादशी

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।