Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में परमा एकादशी 1963 पारण समय 06:30–19:24, मंगल 12 नवंबर
व्रत · समय UTC−2 में
Ipameri में परमा एकादशी 1963 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
मंगलवार 12 नवंबर
परमा एकादशी का समय: व्रत, पारण
- सोमवार 11 नवंबर
-
06:30व्रत आरंभसूर्योदय पर
- मंगलवार 12 नवंबर
-
06:30–19:24पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में परमा एकादशी सोम 11 नवंबर को क्यों है?
परमा एकादशी सोम 11 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 18:05 रवि से 19:38 तक।
एकादशी 19:38 सोम पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल सोम 11 नवंबर को सूर्योदय पर है, 06:30: सोम 11 नवंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 18:05 रवि पर, उससे (04:54–06:30) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · मंगल 12 नवंबर, 06:30–19:24 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी सोम 11 नवंबर 19:38 से मंगल 12 नवंबर 21:35 तक है; हरिवासर 02:07 पर पूरा होता है। इसलिए पारण मंगल 12 नवंबर को सूर्योदय (06:30) से होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (19:24) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 09:04 तक, करते हैं।
नियम
अधिक मास की कृष्ण एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।