Pāthardi, महाराष्ट्र में पापांकुशा एकादशी 2029 पारण समय 06:24–08:18, शुक्र 19 अक्टूबर
महाराष्ट्र, भारत
व्रत · समय IST में
Pāthardi में पापांकुशा एकादशी 2029 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
शुक्रवार 19 अक्टूबर
पापांकुशा एकादशी का समय: व्रत, पारण
- गुरुवार 18 अक्टूबर
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06:24व्रत आरंभसूर्योदय पर
- शुक्रवार 19 अक्टूबर
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06:24–08:18पारण समयव्रत खोलने का समय
Pāthardi में पापांकुशा एकादशी गुरु 18 अक्टूबर को क्यों है?
पापांकुशा एकादशी गुरु 18 अक्टूबर को है: एकादशी और द्वादशी दोनों बढ़ी हैं, इसलिए स्मार्त बाद का दिन लेते हैं, और उसका अरुणोदय दशमी से मुक्त है।
दशमी 05:23 तक, अरुणोदय के भीतर; सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 05:23 से 06:38 गुरु तक।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 05:23 बुध से 06:38 तक।
द्वादशी: 06:38 गुरु से 08:18 तक, अपने दिन से लंबी: यह भी बढ़ी है।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह दोनों सूर्योदयों पर है, बुध 17 अक्टूबर को 06:24 और गुरु 18 अक्टूबर को 06:24। एकादशी (बुध 17 अक्टूबर 05:23 से गुरु 18 अक्टूबर 06:38 तक) और द्वादशी (गुरु 18 अक्टूबर 06:38 से शुक्र 19 अक्टूबर 08:18 तक) दोनों अपने दिन से लंबी हैं; दोनों बढ़ें तो स्मार्त बाद का दिन लेते हैं: गुरु 18 अक्टूबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: बुध 17 अक्टूबर को दशमी 05:23 तक है, उसके भीतर (04:48–06:24); गुरु 18 अक्टूबर को पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · शुक्र 19 अक्टूबर, 06:24–08:18
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी गुरु 18 अक्टूबर 06:38 से शुक्र 19 अक्टूबर 08:18 तक है; हरिवासर 13:03 गुरु पर पूरा होता है। इसलिए पारण शुक्र 19 अक्टूबर को सूर्योदय (06:24) से होता है।
नियम
आश्विन शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।