साटली, अज़रबैजान में पापांकुशा एकादशी 2021 पारण समय 06:58–16:09, रवि 17 अक्टूबर
व्रत · समय UTC+4 में
साटली में पापांकुशा एकादशी 2021 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
रविवार 17 अक्टूबर
पापांकुशा एकादशी का समय: व्रत, पारण
- शनिवार 16 अक्टूबर
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06:57व्रत आरंभसूर्योदय पर
- रविवार 17 अक्टूबर
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06:58–16:09पारण समयव्रत खोलने का समय
साटली में पापांकुशा एकादशी शनि 16 अक्टूबर को क्यों है?
पापांकुशा एकादशी शनि 16 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 16:32 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 16:32 शुक्र से 16:08 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 16 अक्टूबर को सूर्योदय पर है, 06:57: शनि 16 अक्टूबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 16:32 शुक्र पर, उससे (05:21–06:57) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · रवि 17 अक्टूबर, 06:58–16:09
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शनि 16 अक्टूबर 16:08 से रवि 17 अक्टूबर 16:09 तक है; हरिवासर 22:08 शनि पर पूरा होता है। इसलिए पारण रवि 17 अक्टूबर को सूर्योदय (06:58) से होता है। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 09:11 तक, करते हैं।
नियम
आश्विन शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।