Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में पापांकुशा एकादशी 1955 पारण समय 05:36–09:50, शुक्र 28 अक्टूबर
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में पापांकुशा एकादशी 1955 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
शुक्रवार 28 अक्टूबर
पापांकुशा एकादशी का समय: व्रत, पारण
- गुरुवार 27 अक्टूबर
-
05:36व्रत आरंभसूर्योदय पर
- शुक्रवार 28 अक्टूबर
-
05:36–09:50पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में पापांकुशा एकादशी गुरु 27 अक्टूबर को क्यों है?
पापांकुशा एकादशी गुरु 27 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 11:03 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 11:03 बुध से 10:51 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल गुरु 27 अक्टूबर को सूर्योदय पर है, 05:36: गुरु 27 अक्टूबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 11:03 बुध पर, उससे (04:00–05:36) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · शुक्र 28 अक्टूबर, 05:36–09:50
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी गुरु 27 अक्टूबर 10:51 से शुक्र 28 अक्टूबर 09:50 तक है; हरिवासर 16:36 गुरु पर पूरा होता है। इसलिए पारण शुक्र 28 अक्टूबर को सूर्योदय (05:36) से होता है।
नियम
आश्विन शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।