Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में पापांकुशा एकादशी 1933 पारण समय 05:56–16:30, शनि 30 सितंबर
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में पापांकुशा एकादशी 1933 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
शनिवार 30 सितंबर
पापांकुशा एकादशी का समय: व्रत, पारण
- शुक्रवार 29 सितंबर
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05:56व्रत आरंभसूर्योदय पर
- शनिवार 30 सितंबर
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05:56–16:30पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में पापांकुशा एकादशी शुक्र 29 सितंबर को क्यों है?
पापांकुशा एकादशी शुक्र 29 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 19:36 गुरु से 17:56 तक।
एकादशी 17:56 शुक्र पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शुक्र 29 सितंबर को सूर्योदय पर है, 05:56: शुक्र 29 सितंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 19:36 गुरु पर, उससे (04:20–05:56) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · शनि 30 सितंबर, 05:56–16:30
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शुक्र 29 सितंबर 17:56 से शनि 30 सितंबर 16:30 तक है; हरिवासर 23:35 शुक्र पर पूरा होता है। इसलिए पारण शनि 30 सितंबर को सूर्योदय (05:56) से होता है। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:22 तक, करते हैं।
नियम
आश्विन शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।