Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में पापांकुशा एकादशी 1903 पारण समय 05:54–08:31, शनि 3 अक्टूबर
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में पापांकुशा एकादशी 1903 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
शनिवार 3 अक्टूबर
पापांकुशा एकादशी का समय: व्रत, पारण
- शुक्रवार 2 अक्टूबर
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05:54व्रत आरंभसूर्योदय पर
- शनिवार 3 अक्टूबर
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05:54–08:31पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में पापांकुशा एकादशी शुक्र 2 अक्टूबर को क्यों है?
पापांकुशा एकादशी शुक्र 2 अक्टूबर को है: एकादशी और द्वादशी दोनों बढ़ी हैं, इसलिए स्मार्त बाद का दिन लेते हैं, और उसका अरुणोदय दशमी से मुक्त है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 03:52 से 06:16 शुक्र तक।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 03:52 गुरु से 06:16 तक।
द्वादशी: 06:16 शुक्र से 08:25 तक, अपने दिन से लंबी: यह भी बढ़ी है।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह दोनों सूर्योदयों पर है, गुरु 1 अक्टूबर को 05:49 और शुक्र 2 अक्टूबर को 05:48। एकादशी (गुरु 1 अक्टूबर 03:52 से शुक्र 2 अक्टूबर 06:16 तक) और द्वादशी (शुक्र 2 अक्टूबर 06:16 से शनि 3 अक्टूबर 08:25 तक) दोनों अपने दिन से लंबी हैं; दोनों बढ़ें तो स्मार्त बाद का दिन लेते हैं: शुक्र 2 अक्टूबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दो सूर्योदयों पर हो तो वे भी दूसरे दिन व्रत रखते हैं।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · शनि 3 अक्टूबर, 05:54–08:31
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शुक्र 2 अक्टूबर 06:16 से शनि 3 अक्टूबर 08:25 तक है; हरिवासर 12:48 शुक्र पर पूरा होता है। इसलिए पारण शनि 3 अक्टूबर को सूर्योदय (05:47) से होता है।
नियम
आश्विन शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।