Pāthardi, महाराष्ट्र में पापमोचनी एकादशी 2021 पारण समय 08:41–18:44, गुरु 8 अप्रैल
महाराष्ट्र, भारत
व्रत · समय IST में
Pāthardi में पापमोचनी एकादशी 2021 कब है?
बुधवार 7 अप्रैल
चैत्र कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · फाल्गुन कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Pāthardi में बुध 7 अप्रैल का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
गुरुवार 8 अप्रैल
पापमोचनी एकादशी का समय: व्रत, पारण
- बुधवार 7 अप्रैल
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06:18व्रत आरंभसूर्योदय पर
- गुरुवार 8 अप्रैल
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08:41–18:44पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Pāthardi में पापमोचनी एकादशी बुध 7 अप्रैल को क्यों है?
पापमोचनी एकादशी बुध 7 अप्रैल को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 02:09 से 02:29 गुरु तक।
एकादशी 02:29 पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी। एकादशी: 02:09 बुध से 02:29 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल बुध 7 अप्रैल को सूर्योदय पर है, 06:18: बुध 7 अप्रैल। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 02:09 पर, उससे (04:42–06:18) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · गुरु 8 अप्रैल, 08:41–18:44 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी गुरु 8 अप्रैल 02:29 से शुक्र 9 अप्रैल 03:16 तक है; हरिवासर 08:41 पर पूरा होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (18:44) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:46 तक, करते हैं।
नियम
चैत्र कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · फाल्गुन कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।