साटली, अज़रबैजान में पद्मिनी एकादशी 2026 पारण समय 11:16–20:04, बुध 27 मई
व्रत · समय UTC+4 में
साटली में पद्मिनी एकादशी 2026 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
बुधवार 27 मई
पद्मिनी एकादशी का समय: व्रत, पारण
- मंगलवार 26 मई
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05:23व्रत आरंभसूर्योदय पर
- बुधवार 27 मई
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11:16–20:04पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
साटली में पद्मिनी एकादशी मंगल 26 मई को क्यों है?
पद्मिनी एकादशी मंगल 26 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 03:41 से 04:52 बुध तक।
अरुणोदय में एकादशी केवल 04:52 तक; फिर द्वादशी। एकादशी: 03:41 मंगल से 04:52 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 26 मई को सूर्योदय पर है, 05:23: मंगल 26 मई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 03:41 पर, उससे (03:47–05:23) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · बुध 27 मई, 11:16–20:04 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी बुध 27 मई 04:52 से गुरु 28 मई 06:27 तक है; हरिवासर 11:16 पर पूरा होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (20:04) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:19 तक, करते हैं; यहाँ यह समय हरिवासर से पहले समाप्त हो जाता है।
नियम
अधिक मास की शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।