Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में पद्मिनी एकादशी 1963 पारण समय 06:35–19:17, मंगल 29 अक्टूबर
व्रत · समय UTC−2 में
Ipameri में पद्मिनी एकादशी 1963 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
मंगलवार 29 अक्टूबर
पद्मिनी एकादशी का समय: व्रत, पारण
- सोमवार 28 अक्टूबर
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06:36व्रत आरंभसूर्योदय पर
- मंगलवार 29 अक्टूबर
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06:35–19:17पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में पद्मिनी एकादशी सोम 28 अक्टूबर को क्यों है?
पद्मिनी एकादशी सोम 28 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 02:42 से 00:56 मंगल तक।
एकादशी 00:56 पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल सोम 28 अक्टूबर को सूर्योदय पर है, 06:36: सोम 28 अक्टूबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 02:42 पर, उससे (05:00–06:36) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · मंगल 29 अक्टूबर, 06:35–19:17 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी मंगल 29 अक्टूबर 00:56 से मंगल 29 अक्टूबर 22:26 तक है; हरिवासर 06:19 पर पूरा होता है। इसलिए पारण मंगल 29 अक्टूबर को सूर्योदय (06:35) से होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (19:17) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 09:08 तक, करते हैं।
नियम
अधिक मास की शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।