Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में पद्मिनी एकादशी 1923 पारण समय 06:34–12:28, रवि 27 मई
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में पद्मिनी एकादशी 1923 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
रविवार 27 मई
पद्मिनी एकादशी का समय: व्रत, पारण
- शनिवार 26 मई
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06:33व्रत आरंभसूर्योदय पर
- रविवार 27 मई
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06:34–12:28पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में पद्मिनी एकादशी शनि 26 मई को क्यों है?
पद्मिनी एकादशी शनि 26 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 18:28 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 18:28 शुक्र से 15:39 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 26 मई को सूर्योदय पर है, 06:33: शनि 26 मई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 18:28 शुक्र पर, उससे (04:57–06:33) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · रवि 27 मई, 06:34–12:28
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शनि 26 मई 15:39 से रवि 27 मई 12:28 तक है; हरिवासर 20:51 शनि पर पूरा होता है। इसलिए पारण रवि 27 मई को सूर्योदय (06:34) से होता है। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:48 तक, करते हैं।
नियम
अधिक मास की शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।