Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में पद्मिनी एकादशी 1901 पारण समय 06:40–07:57, रवि 28 जुलाई
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में पद्मिनी एकादशी 1901 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
रविवार 28 जुलाई
पद्मिनी एकादशी का समय: व्रत, पारण
- शनिवार 27 जुलाई
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06:41व्रत आरंभसूर्योदय पर
- रविवार 28 जुलाई
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06:40–07:57पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में पद्मिनी एकादशी शनि 27 जुलाई को क्यों है?
पद्मिनी एकादशी शनि 27 जुलाई को है: एकादशी और द्वादशी दोनों बढ़ी हैं, इसलिए स्मार्त बाद का दिन लेते हैं, और उसका अरुणोदय दशमी से मुक्त है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 04:52 से 06:39 शनि तक।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 04:52 शुक्र से 06:39 तक।
द्वादशी: 06:39 शनि से 07:50 तक, अपने दिन से लंबी: यह भी बढ़ी है।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह दोनों सूर्योदयों पर है, शुक्र 26 जुलाई को 06:34 और शनि 27 जुलाई को 06:34। एकादशी (शुक्र 26 जुलाई 04:52 से शनि 27 जुलाई 06:39 तक) और द्वादशी (शनि 27 जुलाई 06:39 से रवि 28 जुलाई 07:50 तक) दोनों अपने दिन से लंबी हैं; दोनों बढ़ें तो स्मार्त बाद का दिन लेते हैं: शनि 27 जुलाई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दो सूर्योदयों पर हो तो वे भी दूसरे दिन व्रत रखते हैं।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · रवि 28 जुलाई, 06:40–07:57
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शनि 27 जुलाई 06:39 से रवि 28 जुलाई 07:50 तक है; हरिवासर 12:57 शनि पर पूरा होता है। इसलिए पारण रवि 28 जुलाई को सूर्योदय (06:34) से होता है।
नियम
अधिक मास की शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।