Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस में निर्जला एकादशी 2027 सोम 14 जून या मंगल 15 जून
व्रत · समय PST में
Codcod में निर्जला एकादशी 2027 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
स्मार्त · मंगलवार 15 जून
वैष्णव · बुधवार 16 जून
निर्जला एकादशी का समय: व्रत, पारण
स्मार्त
- सोमवार 14 जून
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05:25व्रत आरंभसूर्योदय पर
- मंगलवार 15 जून
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10:44–18:09पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
वैष्णव
- मंगलवार 15 जून
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05:25व्रत आरंभसूर्योदय पर
- बुधवार 16 जून
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03:49–05:01पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Codcod में निर्जला एकादशी सोम 14 जून या मंगल 15 जून को क्यों है?
स्मार्त · स्मार्त परंपरा में निर्जला एकादशी सोम 14 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर एकादशी है। वैष्णव मंगल 15 जून को व्रत रखते हैं।
दशमी 04:42 तक, अरुणोदय के भीतर; सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 04:42 से 04:38 मंगल तक।
अरुणोदय में एकादशी केवल 04:38 तक; फिर द्वादशी। एकादशी: 04:42 सोम से 04:38 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+8)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल सोम 14 जून को सूर्योदय पर है, 05:25: सोम 14 जून।
वैष्णव अरुणोदय देखते हैं, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट। सोम 14 जून को दशमी 04:42 तक है, अरुणोदय (03:49–05:25) के भीतर, इसलिए वह एकादशी विद्ध है। एकादशी 04:38 पर समाप्त होती है, इसलिए वैष्णव मंगल 15 जून को व्रत रखते हैं: मंगल 15 जून।
व्रत का पारण
स्मार्त · मंगल 15 जून, 10:44–18:09 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी मंगल 15 जून 04:38 से बुध 16 जून 05:01 तक है; हरिवासर 10:44 पर पूरा होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (18:09) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 07:58 तक, करते हैं; यहाँ यह समय हरिवासर से पहले समाप्त हो जाता है।
वैष्णव · बुध 16 जून, 03:49–05:01 (अरुणोदय से, Tithika की परिपाटी)
द्वादशी बुध 16 जून को 05:01 पर, अरुणोदय (03:49) लगने के बाद और सूर्योदय (05:25) से पहले, समाप्त होती है। द्वादशी छोटी हो तो निर्णयसिंधु, मत्स्य पुराण के अनुसार, पारण भोर में, द्वादशी समाप्त होने से पहले कराता है। Tithika इसे अरुणोदय से आरंभ करता है: Tithika की परिपाटी।
नियम
ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।