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Khmelnytskyi, यूक्रेन में निर्जला एकादशी 2016 पारण समय 05:05⁠–⁠09:39, शुक्र 17 जून

व्रत · समय EEST में

Khmelnytskyi में निर्जला एकादशी 2016 कब है?

गुरुवार 16 जून

ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी

स्मार्त · वैष्णव

Khmelnytskyi में गुरु 16 जून का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

शुक्रवार 17 जून

पारण समय
05:05–09:39
4 घं 34 मि

निर्जला एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • गुरुवार 16 जून
  • 05:05व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • शुक्रवार 17 जून
  • 05:05–09:39पारण समयव्रत खोलने का समय
Tithika में खोलेंनिर्जला एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Khmelnytskyi में निर्जला एकादशी गुरु 16 जून को क्यों है?

निर्जला एकादशी गुरु 16 जून को है: एकादशी और द्वादशी दोनों बढ़ी हैं, इसलिए स्मार्त बाद का दिन लेते हैं, और उसका अरुणोदय दशमी से मुक्त है।

दशमी 04:56 तक, अरुणोदय के भीतर; सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 04:56 से 07:24 गुरु तक।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 04:56 बुध से 07:24 तक।

द्वादशी: 07:24 गुरु से 09:39 तक, अपने दिन से लंबी: यह भी बढ़ी है।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह दोनों सूर्योदयों पर है, बुध 15 जून को 05:05 और गुरु 16 जून को 05:05। एकादशी (बुध 15 जून 04:56 से गुरु 16 जून 07:24 तक) और द्वादशी (गुरु 16 जून 07:24 से शुक्र 17 जून 09:39 तक) दोनों अपने दिन से लंबी हैं; दोनों बढ़ें तो स्मार्त बाद का दिन लेते हैं: गुरु 16 जून। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: बुध 15 जून को दशमी 04:56 तक है, उसके भीतर (03:29–05:05); गुरु 16 जून को पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · शुक्र 17 जून, 05:05–09:39

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी गुरु 16 जून 07:24 से शुक्र 17 जून 09:39 तक है; हरिवासर 13:58 गुरु पर पूरा होता है। इसलिए पारण शुक्र 17 जून को सूर्योदय (05:05) से होता है।

नियम

ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।