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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में निर्जला एकादशी 1985 पारण समय 06:36⁠–⁠10:40, शुक्र 31 मई

व्रत · समय UTC−3 में

Ipameri में निर्जला एकादशी 1985 कब है?

गुरुवार 30 मई

ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी

स्मार्त · वैष्णव

Ipameri में गुरु 30 मई का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

शुक्रवार 31 मई

पारण समय
06:36–10:40
4 घं 4 मि

निर्जला एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • गुरुवार 30 मई
  • 06:35व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • शुक्रवार 31 मई
  • 06:36–10:40पारण समयव्रत खोलने का समय
Tithika में खोलेंनिर्जला एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में निर्जला एकादशी गुरु 30 मई को क्यों है?

निर्जला एकादशी गुरु 30 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 16:37 से।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 16:37 बुध से 13:47 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल गुरु 30 मई को सूर्योदय पर है, 06:35: गुरु 30 मई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 16:37 बुध पर, उससे (04:59–06:35) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · शुक्र 31 मई, 06:36–10:40

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी गुरु 30 मई 13:47 से शुक्र 31 मई 10:40 तक है; हरिवासर 19:00 गुरु पर पूरा होता है। इसलिए पारण शुक्र 31 मई को सूर्योदय (06:36) से होता है।

नियम

ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।