Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में निर्जला एकादशी 1933 पारण समय 06:37–13:19, सोम 5 जून
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में निर्जला एकादशी 1933 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
सोमवार 5 जून
निर्जला एकादशी का समय: व्रत, पारण
- रविवार 4 जून
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06:37व्रत आरंभसूर्योदय पर
- सोमवार 5 जून
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06:37–13:19पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में निर्जला एकादशी रवि 4 जून को क्यों है?
निर्जला एकादशी रवि 4 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 18:34 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 18:34 शनि से 16:16 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल रवि 4 जून को सूर्योदय पर है, 06:37: रवि 4 जून। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 18:34 शनि पर, उससे (05:01–06:37) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · सोम 5 जून, 06:37–13:19
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी रवि 4 जून 16:16 से सोम 5 जून 13:19 तक है; हरिवासर 21:32 रवि पर पूरा होता है। इसलिए पारण सोम 5 जून को सूर्योदय (06:37) से होता है। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:50 तक, करते हैं।
नियम
ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।