Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में निर्जला एकादशी 1910 पारण समय 06:41–11:37, रवि 19 जून
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में निर्जला एकादशी 1910 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
रविवार 19 जून
निर्जला एकादशी का समय: व्रत, पारण
- शनिवार 18 जून
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06:41व्रत आरंभसूर्योदय पर
- रविवार 19 जून
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06:41–11:37पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में निर्जला एकादशी शनि 18 जून को क्यों है?
निर्जला एकादशी शनि 18 जून को है: एकादशी और द्वादशी दोनों बढ़ी हैं, इसलिए स्मार्त बाद का दिन लेते हैं, और उसका अरुणोदय दशमी से मुक्त है।
दशमी 06:28 तक, अरुणोदय के भीतर; सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 06:28 से 09:01 शनि तक।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 06:28 शुक्र से 09:01 तक।
द्वादशी: 09:01 शनि से 11:30 तक, अपने दिन से लंबी: यह भी बढ़ी है।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह दोनों सूर्योदयों पर है, शुक्र 17 जून को 06:34 और शनि 18 जून को 06:34। एकादशी (शुक्र 17 जून 06:28 से शनि 18 जून 09:01 तक) और द्वादशी (शनि 18 जून 09:01 से रवि 19 जून 11:30 तक) दोनों अपने दिन से लंबी हैं; दोनों बढ़ें तो स्मार्त बाद का दिन लेते हैं: शनि 18 जून। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: शुक्र 17 जून को दशमी 06:28 तक है, उसके भीतर (04:58–06:34); शनि 18 जून को पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · रवि 19 जून, 06:41–11:37
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शनि 18 जून 09:01 से रवि 19 जून 11:30 तक है; हरिवासर 15:38 शनि पर पूरा होता है। इसलिए पारण रवि 19 जून को सूर्योदय (06:35) से होता है।
नियम
ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।