Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में निर्जला एकादशी 1906 पारण समय 05:01–05:30, सोम 4 जून
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में निर्जला एकादशी 1906 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
सोमवार 4 जून
निर्जला एकादशी का समय: व्रत, पारण
- रविवार 3 जून
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06:36व्रत आरंभसूर्योदय पर
- सोमवार 4 जून
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05:01–05:30पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में निर्जला एकादशी रवि 3 जून को क्यों है?
निर्जला एकादशी रवि 3 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 11:24 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 11:24 शनि से 08:40 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल रवि 3 जून को सूर्योदय पर है, 06:30: रवि 3 जून। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 11:24 शनि पर, उससे (04:54–06:30) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · सोम 4 जून, 05:01–05:30 (अरुणोदय से, Tithika की परिपाटी)
द्वादशी सोम 4 जून को 05:24 पर, अरुणोदय (04:54) लगने के बाद और सूर्योदय (06:30) से पहले, समाप्त होती है। द्वादशी छोटी हो तो निर्णयसिंधु, मत्स्य पुराण के अनुसार, पारण भोर में, द्वादशी समाप्त होने से पहले कराता है। Tithika इसे अरुणोदय से आरंभ करता है: Tithika की परिपाटी।
नियम
ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।