Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया में मोक्षदा एकादशी 2023 शुक्र 22 दिसंबर या शनि 23 दिसंबर
व्रत · समय UTC+4 में
Sevan में मोक्षदा एकादशी 2023 कब है?
स्मार्त
शुक्रवार 22 दिसंबर
वैष्णव
शनिवार 23 दिसंबर
मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी
Sevan में शुक्र 22 दिसंबर का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
स्मार्त · शनिवार 23 दिसंबर
वैष्णव · रविवार 24 दिसंबर
मोक्षदा एकादशी का समय: व्रत, पारण
स्मार्त
- शुक्रवार 22 दिसंबर
-
08:20व्रत आरंभसूर्योदय पर
- शनिवार 23 दिसंबर
-
11:30–17:37पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
वैष्णव
- शनिवार 23 दिसंबर
-
08:20व्रत आरंभसूर्योदय पर
- रविवार 24 दिसंबर
-
08:21–17:37पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Sevan में मोक्षदा एकादशी शुक्र 22 दिसंबर या शनि 23 दिसंबर को क्यों है?
स्मार्त · स्मार्त परंपरा में मोक्षदा एकादशी शुक्र 22 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर एकादशी है। वैष्णव शनि 23 दिसंबर को व्रत रखते हैं।
दशमी 06:47 तक, अरुणोदय के भीतर; सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 06:47 से 05:42 शनि तक।
एकादशी 05:42 पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी। एकादशी: 06:47 शुक्र से 05:42 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शुक्र 22 दिसंबर को सूर्योदय पर है, 08:20: शुक्र 22 दिसंबर।
वैष्णव अरुणोदय देखते हैं, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट। शुक्र 22 दिसंबर को दशमी 06:47 तक है, अरुणोदय (06:44–08:20) के भीतर, इसलिए वह एकादशी विद्ध है। एकादशी 05:42 पर समाप्त होती है, इसलिए वैष्णव शनि 23 दिसंबर को व्रत रखते हैं: शनि 23 दिसंबर।
व्रत का पारण
स्मार्त · शनि 23 दिसंबर, 11:30–17:37 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शनि 23 दिसंबर 05:42 से रवि 24 दिसंबर 04:54 तक है; हरिवासर 11:30 पर पूरा होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (17:37) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 10:11 तक, करते हैं; यहाँ यह समय हरिवासर से पहले समाप्त हो जाता है।
वैष्णव · रवि 24 दिसंबर, 08:21–17:37 (त्रयोदशी, सूर्योदय से सूर्यास्त: Tithika की परिपाटी)
द्वादशी रवि 24 दिसंबर को 04:54 पर, रात में, अरुणोदय (06:45) से पहले समाप्त होती है: रात में समाप्त द्वादशी को Tithika नहीं गिनता, उसकी परिपाटी। द्वादशी न हो तो निर्णयसिंधु पारण त्रयोदशी में कराता है: सूर्योदय (08:21) से सूर्यास्त (17:37) तक, क्योंकि पारण दिन का कर्म है: Tithika की परिपाटी।
नियम
मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।