Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में मोक्षदा एकादशी 1900 पारण समय 05:29–15:31, सोम 3 दिसंबर
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में मोक्षदा एकादशी 1900 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
सोमवार 3 दिसंबर
मोक्षदा एकादशी का समय: व्रत, पारण
- रविवार 2 दिसंबर
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05:28व्रत आरंभसूर्योदय पर
- सोमवार 3 दिसंबर
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05:29–15:31पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में मोक्षदा एकादशी रवि 2 दिसंबर को क्यों है?
मोक्षदा एकादशी रवि 2 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 20:52 शनि से 18:12 तक।
एकादशी 18:12 रवि पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल रवि 2 दिसंबर को सूर्योदय पर है, 05:22: रवि 2 दिसंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 20:52 शनि पर, उससे (03:46–05:22) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · सोम 3 दिसंबर, 05:29–15:31
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी रवि 2 दिसंबर 18:12 से सोम 3 दिसंबर 15:25 तक है; हरिवासर 23:30 रवि पर पूरा होता है। इसलिए पारण सोम 3 दिसंबर को सूर्योदय (05:22) से होता है। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:00 तक, करते हैं।
नियम
मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।