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Davinópolis, मरान्हाओ, ब्राज़िल में मोहिनी एकादशी 2021 पारण समय 06:11⁠–⁠18:01, रवि 23 मई

व्रत · समय UTC−3 में

Davinópolis में मोहिनी एकादशी 2021 कब है?

शनिवार 22 मई

वैशाख शुक्ल एकादशी

स्मार्त · वैष्णव

Davinópolis में शनि 22 मई का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

रविवार 23 मई

पारण समय
06:11–18:01
11 घं 50 मि · Tithika की परिपाटी

मोहिनी एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • शनिवार 22 मई
  • 06:10व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • रविवार 23 मई
  • 06:11–18:01पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Tithika में खोलेंमोहिनी एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Davinópolis में मोहिनी एकादशी शनि 22 मई को क्यों है?

मोहिनी एकादशी शनि 22 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 00:46 से 22:13 तक।

एकादशी 22:13 शनि पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 22 मई को सूर्योदय पर है, 06:10: शनि 22 मई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 00:46 पर, उससे (04:34–06:10) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · रवि 23 मई, 06:11–18:01 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शनि 22 मई 22:13 से रवि 23 मई 19:09 तक है; हरिवासर 03:27 पर पूरा होता है। इसलिए पारण रवि 23 मई को सूर्योदय (06:11) से होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (18:01) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:33 तक, करते हैं।

नियम

वैशाख शुक्ल एकादशी

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।