Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में कामिका एकादशी 1968 पारण समय 09:01–17:55, रवि 21 जुलाई
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में कामिका एकादशी 1968 कब है?
शनिवार 20 जुलाई
श्रावण कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · आषाढ़ कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में शनि 20 जुलाई का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
रविवार 21 जुलाई
कामिका एकादशी का समय: व्रत, पारण
- शनिवार 20 जुलाई
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06:42व्रत आरंभसूर्योदय पर
- रविवार 21 जुलाई
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09:01–17:55पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में कामिका एकादशी शनि 20 जुलाई को क्यों है?
कामिका एकादशी शनि 20 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 00:02 से 02:28 रवि तक।
एकादशी 02:28 पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 20 जुलाई को सूर्योदय पर है, 06:42: शनि 20 जुलाई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 00:02 पर, उससे (05:06–06:42) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · रवि 21 जुलाई, 09:01–17:55 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी रवि 21 जुलाई 02:28 से सोम 22 जुलाई 04:40 तक है; हरिवासर 09:01 पर पूरा होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (17:55) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:57 तक, करते हैं; यहाँ यह समय हरिवासर से पहले समाप्त हो जाता है।
नियम
श्रावण कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · आषाढ़ कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।