Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में कामिका एकादशी 1908 पारण समय 06:41–17:56, शुक्र 24 जुलाई
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में कामिका एकादशी 1908 कब है?
गुरुवार 23 जुलाई
श्रावण कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · आषाढ़ कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में गुरु 23 जुलाई का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
शुक्रवार 24 जुलाई
कामिका एकादशी का समय: व्रत, पारण
- गुरुवार 23 जुलाई
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06:42व्रत आरंभसूर्योदय पर
- शुक्रवार 24 जुलाई
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06:41–17:56पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में कामिका एकादशी गुरु 23 जुलाई को क्यों है?
कामिका एकादशी गुरु 23 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 20:05 बुध से 20:50 तक।
एकादशी 20:50 गुरु पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल गुरु 23 जुलाई को सूर्योदय पर है, 06:35: गुरु 23 जुलाई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 20:05 बुध पर, उससे (04:59–06:35) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · शुक्र 24 जुलाई, 06:41–17:56 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी गुरु 23 जुलाई 20:50 से शुक्र 24 जुलाई 22:07 तक है; हरिवासर 03:09 पर पूरा होता है। इसलिए पारण शुक्र 24 जुलाई को सूर्योदय (06:35) से होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (17:49) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:50 तक, करते हैं।
नियम
श्रावण कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · आषाढ़ कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।