tithika
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Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया में कामदा एकादशी 2019 सोम 15 अप्रैल या मंगल 16 अप्रैल

व्रत · समय UTC+4 में

Sevan में कामदा एकादशी 2019 कब है?

स्मार्त

सोमवार 15 अप्रैल

वैष्णव

मंगलवार 16 अप्रैल

चैत्र शुक्ल एकादशी

Sevan में सोम 15 अप्रैल का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

स्मार्त · मंगलवार 16 अप्रैल

पारण समय
08:08–19:39
11 घं 31 मि · Tithika की परिपाटी

वैष्णव · बुधवार 17 अप्रैल

पारण समय
06:19–19:40
13 घं 21 मि · Tithika की परिपाटी

कामदा एकादशी का समय: व्रत, पारण

स्मार्त

  • सोमवार 15 अप्रैल
  • 06:22व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • मंगलवार 16 अप्रैल
  • 08:08–19:39पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी

वैष्णव

  • मंगलवार 16 अप्रैल
  • 06:20व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • बुधवार 17 अप्रैल
  • 06:19–19:40पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Tithika में खोलेंकामदा एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Sevan में कामदा एकादशी सोम 15 अप्रैल या मंगल 16 अप्रैल को क्यों है?

स्मार्त · स्मार्त परंपरा में कामदा एकादशी सोम 15 अप्रैल को है: उस दिन सूर्योदय पर एकादशी है। वैष्णव मंगल 16 अप्रैल को व्रत रखते हैं।

दशमी 05:38 तक, अरुणोदय के भीतर; सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 05:38 से 02:53 मंगल तक।

एकादशी 02:53 पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी। एकादशी: 05:38 सोम से 02:53 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल सोम 15 अप्रैल को सूर्योदय पर है, 06:22: सोम 15 अप्रैल।

वैष्णव

वैष्णव अरुणोदय देखते हैं, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट। सोम 15 अप्रैल को दशमी 05:38 तक है, अरुणोदय (04:46–06:22) के भीतर, इसलिए वह एकादशी विद्ध है। एकादशी 02:53 पर समाप्त होती है, इसलिए वैष्णव मंगल 16 अप्रैल को व्रत रखते हैं: मंगल 16 अप्रैल।

व्रत का पारण

स्मार्त · मंगल 16 अप्रैल, 08:08–19:39 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी मंगल 16 अप्रैल 02:53 से मंगल 16 अप्रैल 23:56 तक है; हरिवासर 08:08 पर पूरा होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (19:39) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 09:00 तक, करते हैं।

वैष्णव · बुध 17 अप्रैल, 06:19–19:40 (त्रयोदशी, सूर्योदय से सूर्यास्त: Tithika की परिपाटी)

द्वादशी बुध 17 अप्रैल को 23:56 मंगल पर, रात में, अरुणोदय (04:43) से पहले समाप्त होती है: रात में समाप्त द्वादशी को Tithika नहीं गिनता, उसकी परिपाटी। द्वादशी न हो तो निर्णयसिंधु पारण त्रयोदशी में कराता है: सूर्योदय (06:19) से सूर्यास्त (19:40) तक, क्योंकि पारण दिन का कर्म है: Tithika की परिपाटी।

नियम

चैत्र शुक्ल एकादशी

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।