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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में जया एकादशी 2053 पारण समय 05:59⁠–⁠11:24, शुक्र 31 जनवरी

व्रत · समय UTC−3 में

Ipameri में जया एकादशी 2053 कब है?

गुरुवार 30 जनवरी

माघ शुक्ल एकादशी

स्मार्त · वैष्णव

Ipameri में गुरु 30 जनवरी का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

शुक्रवार 31 जनवरी

पारण समय
05:59–11:24
5 घं 25 मि

जया एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • गुरुवार 30 जनवरी
  • 05:59व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • शुक्रवार 31 जनवरी
  • 05:59–11:24पारण समयव्रत खोलने का समय
Tithika में खोलेंजया एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में जया एकादशी गुरु 30 जनवरी को क्यों है?

जया एकादशी गुरु 30 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 17:23 से।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 17:23 बुध से 14:31 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल गुरु 30 जनवरी को सूर्योदय पर है, 05:59: गुरु 30 जनवरी। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 17:23 बुध पर, उससे (04:23–05:59) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · शुक्र 31 जनवरी, 05:59–11:24

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी गुरु 30 जनवरी 14:31 से शुक्र 31 जनवरी 11:24 तक है; हरिवासर 19:45 गुरु पर पूरा होता है। इसलिए पारण शुक्र 31 जनवरी को सूर्योदय (05:59) से होता है।

नियम

माघ शुक्ल एकादशी

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।