Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में जया एकादशी 2034 पारण समय 05:59–09:34, मंगल 31 जनवरी
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में जया एकादशी 2034 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
मंगलवार 31 जनवरी
जया एकादशी का समय: व्रत, पारण
- सोमवार 30 जनवरी
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05:59व्रत आरंभसूर्योदय पर
- मंगलवार 31 जनवरी
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05:59–09:34पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में जया एकादशी सोम 30 जनवरी को क्यों है?
जया एकादशी सोम 30 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 12:47 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 12:47 रवि से 11:05 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल सोम 30 जनवरी को सूर्योदय पर है, 05:59: सोम 30 जनवरी। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 12:47 रवि पर, उससे (04:23–05:59) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · मंगल 31 जनवरी, 05:59–09:34
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी सोम 30 जनवरी 11:05 से मंगल 31 जनवरी 09:34 तक है; हरिवासर 16:42 सोम पर पूरा होता है। इसलिए पारण मंगल 31 जनवरी को सूर्योदय (05:59) से होता है।
नियम
माघ शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।