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Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया में जया एकादशी 2024 पारण समय 07:46⁠–⁠09:58, बुध 21 फ़रवरी

व्रत · समय UTC+4 में

Sevan में जया एकादशी 2024 कब है?

मंगलवार 20 फ़रवरी

माघ शुक्ल एकादशी

स्मार्त · वैष्णव

Sevan में मंगल 20 फ़रवरी का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

बुधवार 21 फ़रवरी

पारण समय
07:46–09:58
2 घं 12 मि

जया एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • मंगलवार 20 फ़रवरी
  • 07:47व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • बुधवार 21 फ़रवरी
  • 07:46–09:58पारण समयव्रत खोलने का समय
Tithika में खोलेंजया एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Sevan में जया एकादशी मंगल 20 फ़रवरी को क्यों है?

जया एकादशी मंगल 20 फ़रवरी को है: एकादशी और द्वादशी दोनों बढ़ी हैं, इसलिए स्मार्त बाद का दिन लेते हैं, और उसका अरुणोदय दशमी से मुक्त है।

दशमी 07:20 तक, अरुणोदय के भीतर; सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 07:20 से 08:26 मंगल तक।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 07:20 सोम से 08:26 तक।

द्वादशी: 08:26 मंगल से 09:58 तक, अपने दिन से लंबी: यह भी बढ़ी है।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह दोनों सूर्योदयों पर है, सोम 19 फ़रवरी को 07:49 और मंगल 20 फ़रवरी को 07:47। एकादशी (सोम 19 फ़रवरी 07:20 से मंगल 20 फ़रवरी 08:26 तक) और द्वादशी (मंगल 20 फ़रवरी 08:26 से बुध 21 फ़रवरी 09:58 तक) दोनों अपने दिन से लंबी हैं; दोनों बढ़ें तो स्मार्त बाद का दिन लेते हैं: मंगल 20 फ़रवरी। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: सोम 19 फ़रवरी को दशमी 07:20 तक है, उसके भीतर (06:13–07:49); मंगल 20 फ़रवरी को पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · बुध 21 फ़रवरी, 07:46–09:58

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी मंगल 20 फ़रवरी 08:26 से बुध 21 फ़रवरी 09:58 तक है; हरिवासर 14:49 मंगल पर पूरा होता है। इसलिए पारण बुध 21 फ़रवरी को सूर्योदय (07:46) से होता है।

नियम

माघ शुक्ल एकादशी

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।