Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में जया एकादशी 1964 पारण समय 06:56–19:53, रवि 26 जनवरी
व्रत · समय UTC−2 में
Ipameri में जया एकादशी 1964 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
रविवार 26 जनवरी
जया एकादशी का समय: व्रत, पारण
- शनिवार 25 जनवरी
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06:55व्रत आरंभसूर्योदय पर
- रविवार 26 जनवरी
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06:56–19:53पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में जया एकादशी शनि 25 जनवरी को क्यों है?
जया एकादशी शनि 25 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 09:57 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 09:57 शुक्र से 07:24 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 25 जनवरी को सूर्योदय पर है, 06:55: शनि 25 जनवरी। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 09:57 शुक्र पर, उससे (05:19–06:55) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · रवि 26 जनवरी, 06:56–19:53 (त्रयोदशी, सूर्योदय से सूर्यास्त: Tithika की परिपाटी)
द्वादशी रवि 26 जनवरी को 04:46 पर, रात में, अरुणोदय (05:20) से पहले समाप्त होती है: रात में समाप्त द्वादशी को Tithika नहीं गिनता, उसकी परिपाटी। द्वादशी न हो तो निर्णयसिंधु पारण त्रयोदशी में कराता है: सूर्योदय (06:56) से सूर्यास्त (19:53) तक, क्योंकि पारण दिन का कर्म है: Tithika की परिपाटी।
नियम
माघ शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।