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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में जया एकादशी 1940 पारण समय 06:08⁠–⁠17:13, मंगल 20 फ़रवरी

व्रत · समय UTC−3 में

Ipameri में जया एकादशी 1940 कब है?

सोमवार 19 फ़रवरी

माघ शुक्ल एकादशी

स्मार्त · वैष्णव

Ipameri में सोम 19 फ़रवरी का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

मंगलवार 20 फ़रवरी

पारण समय
06:08–17:13
11 घं 5 मि

जया एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • सोमवार 19 फ़रवरी
  • 06:08व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • मंगलवार 20 फ़रवरी
  • 06:08–17:13पारण समयव्रत खोलने का समय
Tithika में खोलेंजया एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में जया एकादशी सोम 19 फ़रवरी को क्यों है?

जया एकादशी सोम 19 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 21:24 रवि से 19:41 तक।

एकादशी 19:41 सोम पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल सोम 19 फ़रवरी को सूर्योदय पर है, 06:08: सोम 19 फ़रवरी। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 21:24 रवि पर, उससे (04:32–06:08) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · मंगल 20 फ़रवरी, 06:08–17:13

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी सोम 19 फ़रवरी 19:41 से मंगल 20 फ़रवरी 17:13 तक है; हरिवासर 01:04 पर पूरा होता है। इसलिए पारण मंगल 20 फ़रवरी को सूर्योदय (06:08) से होता है। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:39 तक, करते हैं।

नियम

माघ शुक्ल एकादशी

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।