Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में जया एकादशी 1933 पारण समय 07:03–09:14, मंगल 7 फ़रवरी
व्रत · समय UTC−2 में
Ipameri में जया एकादशी 1933 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
मंगलवार 7 फ़रवरी
जया एकादशी का समय: व्रत, पारण
- सोमवार 6 फ़रवरी
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07:02व्रत आरंभसूर्योदय पर
- मंगलवार 7 फ़रवरी
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07:03–09:14पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में जया एकादशी सोम 6 फ़रवरी को क्यों है?
जया एकादशी सोम 6 फ़रवरी को है: एकादशी और द्वादशी दोनों बढ़ी हैं, इसलिए स्मार्त बाद का दिन लेते हैं, और उसका अरुणोदय दशमी से मुक्त है।
दशमी 05:28 तक, अरुणोदय के भीतर; सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 05:28 से 07:34 सोम तक।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 05:28 रवि से 07:34 तक।
द्वादशी: 07:34 सोम से 09:14 तक, अपने दिन से लंबी: यह भी बढ़ी है।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह दोनों सूर्योदयों पर है, रवि 5 फ़रवरी को 07:02 और सोम 6 फ़रवरी को 07:02। एकादशी (रवि 5 फ़रवरी 05:28 से सोम 6 फ़रवरी 07:34 तक) और द्वादशी (सोम 6 फ़रवरी 07:34 से मंगल 7 फ़रवरी 09:14 तक) दोनों अपने दिन से लंबी हैं; दोनों बढ़ें तो स्मार्त बाद का दिन लेते हैं: सोम 6 फ़रवरी। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: रवि 5 फ़रवरी को दशमी 05:28 तक है, उसके भीतर (05:26–07:02); सोम 6 फ़रवरी को पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · मंगल 7 फ़रवरी, 07:03–09:14
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी सोम 6 फ़रवरी 07:34 से मंगल 7 फ़रवरी 09:14 तक है; हरिवासर 13:59 सोम पर पूरा होता है। इसलिए पारण मंगल 7 फ़रवरी को सूर्योदय (07:03) से होता है।
नियम
माघ शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।