Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में जया एकादशी 1912 पारण समय 05:59–08:01, बुध 31 जनवरी
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में जया एकादशी 1912 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
बुधवार 31 जनवरी
जया एकादशी का समय: व्रत, पारण
- मंगलवार 30 जनवरी
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05:58व्रत आरंभसूर्योदय पर
- बुधवार 31 जनवरी
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05:59–08:01पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में जया एकादशी मंगल 30 जनवरी को क्यों है?
जया एकादशी मंगल 30 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 13:50 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 13:50 सोम से 11:08 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 30 जनवरी को सूर्योदय पर है, 05:52: मंगल 30 जनवरी। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 13:50 सोम पर, उससे (04:16–05:52) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · बुध 31 जनवरी, 05:59–08:01
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी मंगल 30 जनवरी 11:08 से बुध 31 जनवरी 07:55 तक है; हरिवासर 16:19 मंगल पर पूरा होता है। इसलिए पारण बुध 31 जनवरी को सूर्योदय (05:52) से होता है।
नियम
माघ शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।